 LES PEUPLES LIBRES Forum de la Guilde des Peuples Libres sur Sirannon
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harlequinguenevere Messager de l'auberge solitaire
Age: 35 Inscrit le: 04 Avr 2025 Messages: 24
Points: 219
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Sujet: बारिश, ब्रेकअप और एक स्पिन Ven Mai 01, 2026 5:04 pm |
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ब्रेकअप हुआ था उसी दिन सुबह। तीन साल का रिलेशनशिप। अचानक खत्म। कोई लड़ाई नहीं, कोई ड्रामा नहीं। बस वो मिली और बोली, "मैं नहीं चाहती ये रिश्ता अब।" मैं सुनता रहा। कुछ नहीं बोल पाया। ऑफिस भी नहीं गया उस दिन।
दोस्तों ने फोन किया। मैंने नहीं उठाया। रात हो गई। बारिश हो रही थी। दिल्ली की वो बारिश जो उदासी को और गहरा कर देती है। मैं अपने कमरे में पड़ा था। फोन चला रहा था। कुछ देखना नहीं चाहता था, पर हाथ खुद-ब-खुद स्क्रॉल कर रहा था।
तभी एक पुराने चैट में लिंक दिखा। किसी दोस्त ने महीनों पहले भेजा था। https://vavada.solutions/hi/। मैंने सोचा — क्यों नहीं? अब तो जाने को कुछ बचा ही नहीं है। मतलब, दिल टूटा है, पैसे तो रहने दो। उतने तो कोई मायने नहीं रखते।
मैंने लिंक खोला। साइट देखी। बिल्कुल नया था मेरे लिए ये सब। गेम्स के नाम, रंग, आवाज़ें — सब अजीब लग रहा था। पर मुझे फर्क नहीं पड़ रहा था। बस समय काटना था। मैंने 200 रुपये डाले। पहले गेम में 40 मिले, फिर हारे, फिर जीते। कुछ देर में 300 के आसपास हो गए थे। मैंने निकाल लिए। कोई खास खुशी नहीं हुई।
अगली रात फिर खोला। इस बार थोड़ी देर रुका। एक गेम था — कॉफी शॉप थीम वाला। पुराने रिकॉर्ड, कप, किताबें। बहुत शांत सा गेम था। तेज रोशनी नहीं थी। मुझे अच्छा लगा। मैंने अगले दो घंटे बस उसी में बिताए। छोटे-छोटे दांव। कोई दबाव नहीं। उस रात कुल मिलाकर 400 रुपये जीते।
तीसरी रात। बारिश जारी थी। मैं थोड़ा बेहतर महसूस कर रहा था। खुद से बात की — "चल, आज थोड़ा बड़ा दांव लगाता हूँ। सबसे बड़ा नहीं, बस दो सौ रुपये का।" आधी रात के करीब। मैंने वही कॉफी शॉप गेम खोला। एक स्पिन। कुछ नहीं। दूसरी। कुछ नहीं। तीसरी स्पिन पर गेम रुक गया। फिर अचानक एक पुराना रिकॉर्ड सामने आया — बोनस राउंड।
जैसे ही बोनस शुरू हुआ, चारों तरफ सुनहरी रोशनी फैल गई। नंबर उछलने लगे। 400... 900... 2100... 5800... 13,200। मैंने साँस लेना भूल गया। मेरी उंगलियाँ जम गईं। स्क्रीन पर वही नंबर था। 13,200 रुपये।
बारिश की आवाज़ अचानक सुहानी लगने लगी। मैंने अपना चेहरा हाथों में छुपा लिया। क्यों, पता नहीं। शायद बहुत दिनों बाद कुछ अच्छा हुआ था। रोना नहीं आया, बस एक अजीब सी राहत मिली।
मैंने तुरंत निकासी कर दी। अगली सुबह तक पैसे आ गए। उस पैसे से मैंने अपने लिए नए कपड़े खरीदे। एक किताब खरीदी, जो बहुत दिनों से लेनी थी। और बाकी बचा लिया। सबसे अच्छी बात? मैंने खुद से वादा किया — अब किसी के जाने से दुखी नहीं होऊंगा। क्योंकि मैं यहाँ हूँ। मैं अकेला हूँ, पर टूटा नहीं हूँ।
उस हफ्ते मैंने दोस्तों को फोन किया। "चलो, मेरी तरफ से पार्टी," मैंने कहा। सब हैरान थे। किसी को पता नहीं था ब्रेकअप के बारे में, सिवाय एक दोस्त के। उसने पूछा, "ठीक है न तू?" मैंने कहा, "हाँ। पहले से बेहतर।"
और ये झूठ नहीं था। उस जीत ने मुझे कोई ठाट-बाट नहीं दिया, न ही कोई नई ज़िंदगी। पर उसने मुझे एक छोटा सा संकेत दिया — रुक। साँस ले। सब ठीक हो जाएगा। शायद इसीलिए वो नंबर आज भी मेरे फोन में सेव्ड है। याद दिलाने के लिए।
मैं अब भी कभी-कभी https://vavada.solutions/hi/ पर जाता हूँ। पर उदासी में नहीं। खुशी में। चाय बनाकर, अच्छा संगीत लगाकर, बस 10 मिनट। कोई बड़ी शर्त नहीं, कोई बड़ी उम्मीद नहीं। बस खेल। बस वही पुराना कॉफी शॉप वाला गेम।
वो बारिश अब हर बार मुझे दुख नहीं देती। कभी-कभी वो याद दिलाती है — कि जीवन में सब कुछ अनिश्चित है। रिश्ते, नौकरी, पैसे। पर कुछ पल ऐसे होते हैं जो सब कुछ बदल देते हैं। बस एक स्पिन। बस एक क्लिक। बस एक रात।
मैंने उस रात खुद को पाया। यही सबसे बड़ी जीत है। |
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